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Friday, 4 September 2026

नीम करौली बाबा के जीवन पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ की चर्चा तेज

नीम करौली बाबा के जीवन पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ की चर्चा तेज, वीरेंद्र सहवाग ने की जमकर तारीफ
नीम करौली बाबा यानी महाराज जी के जीवन और उनके आध्यात्मिक व्यक्तित्व से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही उत्सुकता देखने को मिल रही थी, लेकिन पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग की प्रतिक्रिया के बाद इसकी चर्चा और भी बढ़ गई है।

हाल ही में वीरेंद्र सहवाग ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर फिल्म से जुड़ा एक वीडियो शेयर किया। वीडियो के माध्यम से उन्होंने फिल्म की तारीफ करते हुए इसे बेहद खूबसूरती से बनाई गई फिल्म बताया। सहवाग की इस प्रतिक्रिया को फिल्म की पूरी टीम के लिए खास उपलब्धि माना जा रहा है।

सहवाग ने की फिल्म की तारीफ
वीरेंद्र सहवाग ने फिल्म देखने के बाद इसकी प्रस्तुति और भावनात्मक पहलुओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि फिल्म को बहुत खूबसूरती के साथ बनाया गया है और यह महाराज जी यानी नीम करौली बाबा को एक शानदार श्रद्धांजलि है।

सहवाग जैसे लोकप्रिय क्रिकेटर द्वारा फिल्म की तारीफ किए जाने से ‘हनुमान अंश’ की चर्चा सोशल मीडिया पर भी तेज हो गई है। फिल्म की टीम के लिए यह प्रतिक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि नीम करौली बाबा का जीवन और उनकी शिक्षाएं देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करती हैं।

निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने जताई खुशी
वीरेंद्र सहवाग की प्रतिक्रिया पर फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने भी खुशी जाहिर की। निर्देशक के मुताबिक, किसी प्रतिष्ठित और लोकप्रिय व्यक्तित्व से फिल्म के लिए इस तरह की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलना पूरी टीम के लिए उत्साह बढ़ाने वाला है।

फिल्म की टीम लंबे समय से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही है और उनका उद्देश्य नीम करौली बाबा के जीवन, विचारों और आध्यात्मिक प्रभाव को बड़े पर्दे के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाना है। ऐसे में सहवाग की सराहना को टीम के प्रयासों की बड़ी प्रशंसा के तौर पर देखा जा रहा है।

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा से भी फिल्म देखने की अपील
निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने इसी दौरान भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा को लेकर भी अपनी इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि विराट और अनुष्का भी यह फिल्म जरूर देखें।

निर्देशक के लिए विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का फिल्म देखना खास मायने रखता है। उन्होंने अपनी इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि अगर दोनों फिल्म देखते हैं, तो यह पूरी फिल्म टीम के लिए बेहद गर्व की बात होगी।

विराट और अनुष्का की आध्यात्मिक रुचि को देखते हुए भी फिल्म की टीम को उम्मीद है कि वे इस कहानी से जुड़ाव महसूस कर सकते हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों ने फिल्म देखी है या नहीं।

भारत के बाद अब ग्लोबल रिलीज की तैयारी

‘हनुमान अंश’ को भारत में दर्शकों के बीच लोकप्रियता मिलने के बाद अब फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रिलीज करने की तैयारी है। फिल्म 11 सितंबर को ग्लोबली रिलीज होने के लिए तैयार है।

विदेशों में रिलीज के साथ फिल्म की कहानी उन दर्शकों तक भी पहुंचेगी, जो नीम करौली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक विरासत के बारे में जानने में रुचि रखते हैं।

फिल्म की ग्लोबल रिलीज को टीम के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। भारत में चर्चा और सहवाग की सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि विदेशों में दर्शक ‘हनुमान अंश’ को किस तरह की प्रतिक्रिया देते हैं।

सोशल मीडिया पर भी बढ़ रही चर्चा

फिल्म से जुड़े वीडियो, कलाकारों और फिल्म की कहानी को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है। वीरेंद्र सहवाग की पोस्ट ने इस चर्चा को और गति दी है।

अब दर्शकों की नजर फिल्म की ग्लोबल रिलीज पर है। खासतौर पर यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या विराट कोहली और अनुष्का शर्मा भी फिल्म देखते हैं और इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हैं।

कुल मिलाकर, ‘हनुमान अंश’ के लिए वीरेंद्र सहवाग की तारीफ एक महत्वपूर्ण मोमेंट बन गई है। नीम करौली बाबा के जीवन से जुड़ी इस फिल्म को अब भारत के बाद दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के दर्शकों तक पहुंचाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। 11 सितंबर की ग्लोबल रिलीज के साथ फिल्म को लेकर उत्सुकता और बढ़ने की उम्मीद है।

सोने की झुमका से हुई मेरी कार पंचर! 😂🚗💥

सोने की झुमका से हुई मेरी कार पंचर! 😂🚗💥


कल मैं विक्रोली–जोगेश्वरी लिंक रोड से पैसेंजर लेकर जा रहा था। अचानक चलते-चलते कार एक साइड खिंचने लगी। नीचे उतरकर देखा तो फ्रंट राइट टायर पंचर था।

जब स्टेपनी लगाने के लिए जैक लगाया और टायर बाहर निकाला, तो देखकर मैं भी हैरान रह गया! 😲

टायर में 22K Gold की झुमका/ईयरिंग फंसी हुई थी, जिसकी वजह से टायर पंचर हुआ था। 😂💰
अब भगवान से बस यही प्रार्थना है—

हे भगवान! ऐसे ही सोने की झुमका और ईयरिंग से मेरी कार रोज पंचर हो! 🤣🙏
भगवान आपका बहुत-बहुत धन्यवाद! 😂❤️
#GoldPuncture #22KGold #MumbaiRoads #FunnyIncident #CarPuncture #ViralStory #भगवानकाधन्यवाद 😄

Monday, 16 June 2025

स्मिता प्रकाश: आजादी के बाद नेहरू की जगह सरदार पटेल को प्रधानमंत्री बनाना चाहिए था?

स्मिता प्रकाश: आजादी के बाद नेहरू की जगह सरदार पटेल को प्रधानमंत्री बनाना चाहिए था?
खान सर: पहली बार चुनाव हुआ 1951 में और सरदार पटेल का निधन हुआ 1950 में तो उन्हें कैसे प्रधानमंत्री बनाया जा सकता था।

स्मिता प्रकाश: आजकल के बच्चे नेहरू और गांधी जी की आलोचना करते हैं?

खान सर: वही बच्चे ना जो आज गांव के प्रधान के खिलाफ आवाज नहीं उठा पाते हैं वो उन गांधी के खिलाफ बोलते हैं जो गुलामी में महारानी से लड़ गए थे।

स्मिता प्रकाश को इतने तगड़े से जवाब दिए हैं खान सर ने मज़ा आ गया😃🔥

दुनिया की सबसे ख़तरनाक पर्यटन स्थलों की सूची 🧵

1. स्नेक आइलैंड, ब्राज़ील 🐍☠️
यह द्वीप हजारों गोल्डन लांसहेड वाइपर (Golden Lancehead Vipers) का घर है — ये दुनिया के सबसे ज़हरीले साँपों में से एक हैं। इनका ज़हर इंसान को कुछ ही मिनटों में मार सकता है।

सरकार ने आम लोगों के लिए यहां जाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर रखा है।

यहां सिर्फ वैज्ञानिक या शोधकर्ता ही विशेष अनुमति के साथ जा सकते हैं… और वो भी सुरक्षा इंतज़ामों के साथ।
2. डेथ वैली, नेशनल पार्क, अमेरिका ☠️🔥
यह दुनिया की सबसे गर्म जगहों में से एक है। 1913 में यहाँ का तापमान 56.7°C रिकॉर्ड किया गया था जो अब तक का सबसे अधिक माना जाता है।

यहाँ का वातावरण इतना शुष्क और गर्म है कि इंसान का शरीर कुछ ही घंटों में डीहाइड्रेट होकर जवाब दे सकता है।

3. विल्लारिका ज्वालामुखी, चिली 🌋🔥
विल्लारिका एक सक्रिय ज्वालामुखी है, जो चिली में स्थित है। यह दुनिया के सबसे ख़तरनाक ज्वालामुखियों में से एक माना जाता है। इसकी गहराई में उबलता हुआ लावा लगातार सक्रिय रहता है।

इसके बावजूद हर साल हजारों पर्यटक यहां आते हैं, और कई तो ज्वालामुखी की चोटी तक चढ़कर, उबलते लावे के ऊपर खड़े होकर फोटो खिंचवाते हैं।
लेकिन एक गलती, एक फिसलन, या अचानक विस्फोट — और ज़िंदगी खत्म।

यह जगह जितनी रोमांचक है, उतनी ही मौत के करीब भी।

4. माउंट एवरेस्ट, नेपाल 🏔️❄️
दुनिया की सबसे ऊँची चोटी — माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर) — हर पर्वतारोही का सपना होती है। एक साफ दिन में चोटी से दिखने वाला 360 डिग्री का नज़ारा वाकई स्वर्ग जैसा लगता है।

अब तक 300 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, और कई के शव आज भी वहीं हैं – बर्फ में जमे हुए।

5. ट्रोलटुंगा, नॉर्वे 🇳🇴🪨
ट्रोलटुंगा (Trolltunga) यानी “ट्रोल की जीभ”, नॉर्वे की सबसे शानदार और रोमांचक चट्टानों में से एक है। यह चट्टान एकदम हवा में बाहर निकली हुई है, जो 700 मीटर (2300 फीट) गहरी खाई के ऊपर लटकी है।

यहाँ से नीचे झाँकना ही दिल दहला देने वाला होता है,
फिर भी पर्यटक यहाँ खड़े होकर खतरनाक पोज़ में फोटो खिंचवाते हैं — बिना किसी रेलिंग या सुरक्षा के।

जरा सी फिसलन, एक गलती, और सीधा मौत की गोद में गिरना तय।

6. क्या आप ‘क्जेरागबोल्टेन’ पर खड़े होंगे? 🇳🇴🪨☠️
क्जेरागबोल्टेन (Kjeragbolten) दुनिया का सबसे खतरनाक पत्थर माना जाता है। यह एक विशाल चट्टान है जो दो पहाड़ों के बीच में 984 मीटर (3,228 फीट) ऊँचाई पर फंसी हुई है और नीचे है सीधी खाई।

पर्यटक यहां पहुंचकर इस पत्थर पर खड़े होकर फोटो खिंचवाते हैं बिना किसी रस्सी या सुरक्षा के।

कोई रेलिंग नहीं, कोई बैरियर नहीं – बस ज़रा सी फिसलन और सीधा खाई में गिरना।

यह पत्थर जितना वायरल है, उतना ही वायरल खतरा भी है।

Friday, 13 June 2025

क्या मधुमक्खी निगलने से किसी को हार्ट अटैक आ सकता है ?

करिश्मा कपूर के एक्स हसबैंड संजय कपूर का लंदन में हार्ट अटैक से मौत हो गयी, वे 53 साल के थे. कहा जा रहा है वो लंदन में पोलो खेल रहे 
तभी अचानक एक्सीडेंटली उन्होंने मधुमक्खी को निगल लिया. और उनकी मौत हो गयी.
Sanjay Kapoor : बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के पूर्व पति और बिज़नेसमैन संजय कपूर का 12 जून को लंदन में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। शुरू में यह खबर आई थी कि उन्हें पोलो खेलते वक्त हार्ट अटैक आया, लेकिन अब उनकी मौत को लेकर एक चौंकाने वाला अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संजय कपूर की मौत एक मधुमक्खी के कारण हुई, जिसे उन्होंने गलती से निगल लिया था।

Sanjay Kapoor : पोलो खेलते वक्त हुआ हादसा
संजय कपूर लंदन के मशहूर ग्लैंड्स गार्ड्स पोलो क्लब में पोलो खेल रहे थे। वह घोड़े पर सवार थे और खेल में व्यस्त थे, तभी अचानक मधुमक्खी उनके मुंह में चली गई और गले में फंस गई। इससे उन्हें तेज जलन और सांस लेने में दिक्कत हुई। घबराहट की स्थिति में उन्हें दिल का दौरा पड़ा और अस्पताल ले जाने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

Sanjay Kapoor : कपूर परिवार गहरे शोक में डूबा
संजय कपूर के निधन की खबर मिलते ही कपूर परिवार गहरे शोक में डूब गया। करीना कपूर खान, सैफ अली खान, मलाइका अरोड़ा और अमृता अरोड़ा गुरुवार रात को करिश्मा कपूर के घर पहुंचे, जहां माहौल बेहद गमगीन था। हालांकि, करिश्मा कपूर की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। दुख की बात यह है कि संजय कपूर की सोशल मीडिया पर आखिरी पोस्ट अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसे पर थी। उन्होंने पीड़ितों के लिए संवेदनाएं व्यक्त की थीं। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर उन्होंने लिखा था कि अहमदाबाद एयर इंडिया दुर्घटना की खबर दुखद है। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं पीड़ितों के परिवारवालों के साथ हैं। इस मुश्किल समय में उन्हें भगवान शक्ति दे।

Sanjay Kapoor : 1.2 बिलियन डॉलर की संपत्ति छोड़ गए पीछे
संजय कपूर अपने पीछे लगभग 1.2 बिलियन डॉलर (लगभग 10,000 करोड़ रुपये) की संपत्ति छोड़ गए हैं। उनका परिवार अब उनकी तीसरी पत्नी प्रिया सचदेव और उनसे हुआ एक बेटा है। करिश्मा कपूर से उन्हें दो बच्चे समायरा और कियान हैं, जिनके सिर से अब पिता का साया उठ गया है।
क्या मधुमक्खी निगलने से किसी को हार्ट अटैक आ सकता है ?

अमेरिका में गृहयुद्ध.....मध्यस्थता कराएगा भारत... ❓❓

अमेरिका में गृहयुद्ध.....
मध्यस्थता कराएगा भारत... ❓❓

अमेरिका जल रहा है। कैलिफ़ोर्निया का लॉस एंजलिस शहर धधक रहा है, और राष्ट्रपति ट्रंप की ताकत भी अबड़-तबड़ हो रही है।
सेना-नेवी-सुरक्षा बल सब सड़कों पर उतारे जा चुके हैं, लेकिन हालात काबू से बाहर हैं। ऊपर से गवर्नर और राष्ट्रपति आमने-सामने हैं। ऐसा लगता है जैसे अमेरिका नहीं, कोई तीसरी दुनिया का देश हो।

अमेरिका में जो हो रहा है, भारत तो दूर बैठा देख रहा है, लेकिन हालात ऐसे हैं कि कभी भी सीजफायर कराने के लिए हमें मध्यस्थता करनी पड़ जाए, तो कोई हैरानी नहीं।

डोनाल्ड ट्रंप ने अब अपना आख़िरी दांव भी चल दिया है — 2100 नेशनल गार्ड और 700 मरीन तैनात कर दिए गए हैं।

मगर असली मज़ा तब आएगा जब ट्रंप ‘ब्रह्मास्त्र’ चलाएँगे — और कैप्टन अमेरिका, थोर, हल्क, आयरन मैन, स्पाइडर मैन और ब्लैक पैंथर जैसे सुपरहीरो सड़कों पर उतरेंगे।

मार्वल और डीसी से बातचीत भी हो गई है,
बस पोस्टर छपना बाकी है।
लेकिन असली बात ये है कि अमेरिका खुद को सुपरपावर समझता है। दुनिया भर में दादागिरी करता है। पैसों और मीडिया के दम पर प्रोपगेंडा फैलाता है।

नाटो के सहारे देशों में तख्तापलट कराता है। पर जब मैदान में उतरने की बारी आती है, तो जूते चटखते हैं — वियतनाम और अफगानिस्तान जैसी लड़ाइयाँ इसका नमूना हैं।

अपने देश के हालात पर नियंत्रण नहीं और दूसरों को उपदेश देते हैं। अगर भारत में ऐसा कुछ होता, तो न्यूयॉर्क टाइम्स से लेकर बीबीसी तक सब हेडलाइनें बना देते कि लोकतंत्र खतरे में है।
शौर्य और रणनीति डॉलर से नहीं खरीदी जाती। वो पैदा होती है संघर्ष से, तप से, दर्द से। अमेरिका ने अपने सैनिकों को बेवजह की लड़ाइयों में झोंका है, जिसमें पैसा गया, जान गई, पर मिला कुछ नहीं।

बस सिनेमा में खुद को दुनिया का रक्षक बना बैठे। 70 एमएम की फ़िल्मों में जीने वाले इन अमेरिकियों को लगता है कि वो अजेय हैं। मगर सच ये है कि डर है, असुरक्षा है, और दिखावा है।

पश्चिमी देशों की हालत वैसे भी कागज़ी शेर जैसी है। अगर नाटो हटा दिया जाए, तो ढेर हो जाएंगे।
संयुक्त राष्ट्र भी बस बैठकों तक सीमित है। जैसे पाकिस्तान एटम बम की धमकी देकर पॉ पॉ करता था, पर ऑपरेशन सिंदूर ने औक़ात दिखा दी — अब पॉ पॉ भी काम नहीं आएगा।

अमेरिका और चीन को भी ऑपरेशन सिंदूर से झटका लग चुका है। भारत ने संघर्ष से सीखा है। अफगान, मुगल, फिर अंग्रेज — सबको भगाया है। फिर पाकिस्तान से दो-दो हाथ किए हैं। यहाँ जज़्बा कागज़ पर नहीं, ज़मीन पर है।

किसी को शक हो तो ऑपरेशन सिंदूर की रेखा नाप लो। और हाँ, योगी बाबा दंगा स्पेशलिस्ट हैं — ग़लत आदमी से भिड़ोगे तो ट्रीटमेंट पक्का मिलेगा।
अमेरिका अब मार्वल-डीसी के सुपरहीरो उतारने की तैयारी में है। लीड करेगा हॉलेंडर। और अमेरिका के दुश्मन कौन हैं, ये सबको पता है।

हर हॉलीवुड फिल्म में यही बताया गया है। अब देखना ये है कि फ़िल्मी लड़ाई असलियत में कितनी चलती है।

Thursday, 12 June 2025

मुर्दों से बात करना उसका पेशा था। लेकिन खुद उसकी मौत एक पहेली बन गई, गौरव तिवारी की मौत की कहानी।🧵

वैसे तो दुनिया में हमने बहुत से संगठन और खूफिया एजेंसियों के बारे में सुन रखा है,जो समय आने पर मुश्किल से मुश्किल कामों को अंजाम देते रहते हैं।और उन्हीं में से एक पैरानॉर्मल टीम का संगठन भी है, पैरानॉर्मल टीम के बारे में हम आपको बता दें कि यह एक ऐसा संगठन होता है, जो भूतों और रहस्यमई ऊर्जाओं तथा गतिविधियों की जांच पड़ताल करके कभी-कभी उनको नॉर्मल स्थिति में लाने का कार्य करते हैं, और उन्हीं में से एक गौरव तिवारी भी थे। जिनकी मौत आज भी एक रहस्य बनी हुई है, आज के दौर में बढ़ रही तेजी से टेक्नोलॉजी के बीच भारत का एक लड़का कुछ बड़ा करने के उद्देश्य से भारत से अमेरिका चला जाता है, और वहां जाकर मेहनत और अपने बल पर आगे बढ़ते हुए एन.एफ.ओ प्लेन का लोको पायलट बन जाता है। और अब इसके बाद उसके जीवन में हर पल खुशी के कट रहे थे। लेकिन वो कहते हैं ना।
"कि मुल्क बदल जाए। पर वतन तो वतन होता है।। भूतों से बात करने वाले गौरव के रहस्यमयी मौत की अनसुनी दास्तान! जिंदगी से ज्यादा वो मौत का साच जानना चाहता था. मौत के बाद की सच्चाई पता लगाना चाहता था. मुर्दों को ढूंढना उसका शौक था. मुर्दों से बात करना उसका शगल. अनजान और अदृश्य लोगों की पहेली बुझाना उसका पेशा, लेकिन अब खुद उसी की मौत एक पहेली बन गई जिंदगी से ज्यादा वो मौत का साच जानना चाहता था. मौत के बाद की सच्चाई पता लगाना चाहता था. मुर्दों को ढूंढना उसका शौक था. मुर्दों से बात करना उसका शगल. अनजान और अदृश्य लोगों की पहेली बुझाना उसका पेशा, लेकिन अब खुद उसी की मौत एक पहेली बन गई. अपनी महारत, खास मशीन और कैमरे की मदद से ये हमेशा अनजान और अदृश्य लोगों को ढूंढता नजर आता. उनसे बातें करता. उनकी बातें सुनता. जी हां, हम बात कर रहे हैं पैरानार्मल जांचकर्ता गौरव तिवारी की, जिसकी रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई. कभी किसी सुनसान हवेली में, कभी खंडहर में, कभी कब्रिस्तान में तो कभी किसी सुनसान बियाबान में. यहां तक कि मुर्दाघर के अंदर भी. मुर्दों के साथ लेट कर वो उनका सच जानता था. उनसे बातें किया करता था. पर अफसोस वही गौरव तिवारी अपनी ही मौत को पहेली बना गया. इस बार इस पहेली को सुलझाने की जिम्मेदारी खुद की बजाए दिल्ली पुलिस के जिम्मे छोड़ गया. 32 साल का नौजवान गौरव अमेरिका से प्रोफेशनल पायलट की ट्रेनिंग बीच में छोड़ कर हिंदुस्तान लौट आया. यहां आकर उसने इंडियन पैरानॉर्मल सोसायटी का गठन किया. देश और दुनिया के करीब छह हजार हॉन्टेड लोकेशन की जांच करने वाले गौरव की लाश सात जुलाई को दिल्ली के द्वारका इलाके में उसी के फ्लैट में पाई गई. वो अपने ही घर के बाथरूम में फर्श पर पड़ा था. उसके गले पर काले रंग के गहरे निशान मिले हैं. ये निशान कुछ-कुछ वैसे ही हैं जैसे अमूमन गले में फंदा कसने पर होता है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या गौरव ने खुदकुशी की? क्या उसका कत्ल किया गया? क्या उसका काम उसकी मौत की वजह बनी? क्या उसके अदृश्य मेहमान ही उसके दुश्मन बन बैठे? क्या निगेटिव सोच हावी हो गई थी? मौत के बाद उठे रहस्यमयी सवाल गौरव की जिंदगी जिन रहस्यों को तलाशने में बीती कुछ वैसे ही रहस्यमयी सवाल अब उसकी मौत के बाद भी उठ रहे हैं. उसको ना तो कोई माली तंगी थी और ना ही किसी तरह की परेशानी. हाल ही में शादी की और खुश भी था. कोई बीमारी भी नहीं थी. मौत से एक दिन पहले की आखिरी रात भी वो अपने काम पर लगा था. दिल्ली के एक और हॉन्टेड प्लेस की जांच कर रहा था. यहां तक कि मरने से बस मिनट भर पहले तक भी बिल्कुल ठीक था. अपने लैपटाप पर मेल चेक कर रहा था. इसके बाद वो अचानक उठ कर बाथरूम जाता है. गौरव ने बीवी को बताई थी ये बात कुछ देर बाद घर वालों को बाथरूम में कुछ गिरने की आवाज आती है. इसी के बाद जब गौरव के पिता और पत्नी बाथरूम में झांकते हैं तो वो फर्श पर बेसुध मिलता है. इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया जाता है. लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. गौरव की मौत के बाद पूछताछ के दौरान गौरव की बीवी ने पुलिस को एक अजीब बात बताई. उसने कहा कि उसने मरने से कुछ दिन पहले कहा था कि उसे कुछ निगेटिव ताकतें मरने के लिए मजबूर कर रही हैं. बीवी को तब लगा कि ज्यादा काम की वजह से वो डिप्रेशन में है. अनजान शक्तियों की खोज में था 6 जुलाई को गौरव पूरे दिन अपने घर पर ही था. शाम साढ़े सात बजे वो जनकपुरी के एक हॉन्टेड प्लेस की छानबीन के लिए घर से निकला. वह जिन अनजान शक्तियों की खोज करता था, उसके लिए अक्सर देर रात तक घर से बाहर रहना पड़ता था. उसकी तफ्तीश अमूमन रात को ही हुआ करती. जनकपुरी में अपनी तफ्तीश पूरी करने के बाद वह रात डेढ़ बजे घर लौटता है. रात को देर से आने पर मियां-बीवी में झगड़ा हुआ. गौरव और घर के बाकी लोग सो गए. घर पर गौरव और उसकी पत्नी के अलावा उसके माता-पिता भी साथ रहते थे. आखिर कैसे हुई गौरव की मौत सात जुलाई की सुबह उठने के बाद सभी नाश्ता करते हैं. गौरव अपने कंप्यूटर पर लग जाता है. वो ईमेल चेक कर रहा था. करीब 11 बजे उसकी लाश बाथरूम में मिलती है. शुरूआती जांच के बाद पुलिस यही मान रही है कि गौरव ने खुदकुशी की है. वह अपने काम को लेकर डिप्रेशन था. इसकी जानकारी जुटाई जानी अभी बाकी है. गौरव के घर वाले यह कह रहे हैं कि वह कभी खुदकुशी नहीं कर सकता था. क्योंकि उसके पास मरने की कोई वजह ही नहीं थी. पुलिस अपनी जांच कर रही है. गौरव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है. हुआ भी कुछ ऐसा ही उसे अपने देश भारत की बहुत याद आती थी। इस बीच वह देखता है, कि अमेरिका में एक संगठन हुआ करता था। जिसे आज के समय में हम पैरानॉर्मल टीम के नाम से जानते हैं। तो वह प्लेन की ड्यूटी के साथ-साथ उसकी पढ़ाई भी जारी रखता है, इसके बाद एक दिन ऐसा भी आता है कि वह पैरानॉर्मल टीम का एक्सपर्ट भी बन जाता है। जिसके बाद वह प्लेन पायलट की नौकरी को छोड़कर अपने देश भारत में वापसी करता है, और यहां आने के बाद लगभग 2010 के आस-पास भारत सरकार की सहमति के साथ भारत का पहला पैरानॉर्मल टीम का अनुसंधान केंद्र स्थापित करता है, जिसके बाद भारत की जितनी भी भूतिया जगह और प्लेश थे। उन सभी की जांच के निर्देश मिलने पर उन जगहों की अपनी टीम के साथ जांच भी करता है, जिनमें से एक बंगाल का बेगुनकोदर रेलवे स्टेशन भी था। जिसके बारे में कहा जाता है कि यह रेलवे स्टेशन एक लड़की के भूत की वजह से 42 साल तक बंद रहा जिसकी पैरानॉर्मल टीम द्वारा जांच के बाद। इसे मात्र दिन के उजाले में ही चालू रखने का आदेश दिया गया है। और शाम होते ही यहां से सभी लोग चले जाते हैं, इसी तरह गौरव तिवारी ने लगभग 100 से भी ज्यादा हॉन्टेड जगहों की जांच पड़ताल की और नेगेटिव एनर्जी भूत होने और न होने का सबूत भी दिया। लेकिन जब एक दिन वो वॉशरूम में नहा रहे थे। इस दौरान उनकी मौत हो जाती है, जो की एक रहस्यमई घटना थी। क्योंकि उनकी गर्दन पर एक अजीब तरह का निशान बन गया था। जिसके बारे में कहा जाता है, कि उनके पीछे एक आत्मा पड़ी हुई थी। जिसका जिक्र खुद उनकी पत्नी ने किया था।