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Friday, 13 June 2025

अमेरिका में गृहयुद्ध.....मध्यस्थता कराएगा भारत... ❓❓

अमेरिका में गृहयुद्ध.....
मध्यस्थता कराएगा भारत... ❓❓

अमेरिका जल रहा है। कैलिफ़ोर्निया का लॉस एंजलिस शहर धधक रहा है, और राष्ट्रपति ट्रंप की ताकत भी अबड़-तबड़ हो रही है।
सेना-नेवी-सुरक्षा बल सब सड़कों पर उतारे जा चुके हैं, लेकिन हालात काबू से बाहर हैं। ऊपर से गवर्नर और राष्ट्रपति आमने-सामने हैं। ऐसा लगता है जैसे अमेरिका नहीं, कोई तीसरी दुनिया का देश हो।

अमेरिका में जो हो रहा है, भारत तो दूर बैठा देख रहा है, लेकिन हालात ऐसे हैं कि कभी भी सीजफायर कराने के लिए हमें मध्यस्थता करनी पड़ जाए, तो कोई हैरानी नहीं।

डोनाल्ड ट्रंप ने अब अपना आख़िरी दांव भी चल दिया है — 2100 नेशनल गार्ड और 700 मरीन तैनात कर दिए गए हैं।

मगर असली मज़ा तब आएगा जब ट्रंप ‘ब्रह्मास्त्र’ चलाएँगे — और कैप्टन अमेरिका, थोर, हल्क, आयरन मैन, स्पाइडर मैन और ब्लैक पैंथर जैसे सुपरहीरो सड़कों पर उतरेंगे।

मार्वल और डीसी से बातचीत भी हो गई है,
बस पोस्टर छपना बाकी है।
लेकिन असली बात ये है कि अमेरिका खुद को सुपरपावर समझता है। दुनिया भर में दादागिरी करता है। पैसों और मीडिया के दम पर प्रोपगेंडा फैलाता है।

नाटो के सहारे देशों में तख्तापलट कराता है। पर जब मैदान में उतरने की बारी आती है, तो जूते चटखते हैं — वियतनाम और अफगानिस्तान जैसी लड़ाइयाँ इसका नमूना हैं।

अपने देश के हालात पर नियंत्रण नहीं और दूसरों को उपदेश देते हैं। अगर भारत में ऐसा कुछ होता, तो न्यूयॉर्क टाइम्स से लेकर बीबीसी तक सब हेडलाइनें बना देते कि लोकतंत्र खतरे में है।
शौर्य और रणनीति डॉलर से नहीं खरीदी जाती। वो पैदा होती है संघर्ष से, तप से, दर्द से। अमेरिका ने अपने सैनिकों को बेवजह की लड़ाइयों में झोंका है, जिसमें पैसा गया, जान गई, पर मिला कुछ नहीं।

बस सिनेमा में खुद को दुनिया का रक्षक बना बैठे। 70 एमएम की फ़िल्मों में जीने वाले इन अमेरिकियों को लगता है कि वो अजेय हैं। मगर सच ये है कि डर है, असुरक्षा है, और दिखावा है।

पश्चिमी देशों की हालत वैसे भी कागज़ी शेर जैसी है। अगर नाटो हटा दिया जाए, तो ढेर हो जाएंगे।
संयुक्त राष्ट्र भी बस बैठकों तक सीमित है। जैसे पाकिस्तान एटम बम की धमकी देकर पॉ पॉ करता था, पर ऑपरेशन सिंदूर ने औक़ात दिखा दी — अब पॉ पॉ भी काम नहीं आएगा।

अमेरिका और चीन को भी ऑपरेशन सिंदूर से झटका लग चुका है। भारत ने संघर्ष से सीखा है। अफगान, मुगल, फिर अंग्रेज — सबको भगाया है। फिर पाकिस्तान से दो-दो हाथ किए हैं। यहाँ जज़्बा कागज़ पर नहीं, ज़मीन पर है।

किसी को शक हो तो ऑपरेशन सिंदूर की रेखा नाप लो। और हाँ, योगी बाबा दंगा स्पेशलिस्ट हैं — ग़लत आदमी से भिड़ोगे तो ट्रीटमेंट पक्का मिलेगा।
अमेरिका अब मार्वल-डीसी के सुपरहीरो उतारने की तैयारी में है। लीड करेगा हॉलेंडर। और अमेरिका के दुश्मन कौन हैं, ये सबको पता है।

हर हॉलीवुड फिल्म में यही बताया गया है। अब देखना ये है कि फ़िल्मी लड़ाई असलियत में कितनी चलती है।

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